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क्लाइमेट चेंज छीन रहा आपकी नींद, दिल्ली में सालाना 66 घंटों की नीद गंवा रहे लोग, रिसर्च में खुलासा

Authored byपूनम कुमारी गौड़Edited byटीना|नवभारत टाइम्स
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क्लाइमेट सेंट्रल की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के लोग गर्म रातों की वजह से हर साल औसतन 66 घंटे की नींद गंवा रहे हैं। बढ़ती गर्मी से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। दक्षिण भारत के शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

Climate Change Sleep
गर्म रातें छीन रहीं सुकून की नींद(AI Image)
नई दिल्ली: आपकी नींद समय के साथ कम हो रही है तो इसके पीछे जलवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज का असर हो सकता है। यह असर सिर्फ तापमान बढ़ने तक सीमित नहीं रहा। नई रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के लोग हर साल औसतन 66 घंटे की नींद गर्म रातों की वजह से गंवा रहे हैं। हालांकि देश के आठ बड़े महानगरों की तुलना में दिल्ली में नींद का यह नुकसान सबसे कम है।

क्लाइमेट सेंट्रल की बुधवार को आई रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इसके मुताबिक, जलवायु से नींद प्रभावित होने वाले दुनिया के प्रमुख हॉटस्पॉट में भारत भी शामिल है। दक्षिण भारत के शहरों में इस वजह से सालाना 78 से 91 घंटे तक नींद कम हो रही है। इनमें 8 से 9 घंटे का नुकसान सीधे जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है।


गर्म रातें छीन रहीं सुकून की नींद

  • तमिलनाडु में प्रति व्यक्ति सालाना 7.9 घंटे नींद कम हो रही है, जो देश में सबसे अधिक है।
  • इसके बाद कर्नाटक (7.8 घंटे) और राजस्थान (7 घंटे) हैं। महानगरों में चेन्नई में सबसे अधिक 93 घंटे, मुंबई में 84 घंटे और कोलकाता में 80 घंटे की सालाना नींद का नुकसान दर्ज किया गया।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, खराब नींद से याददाश्त प्रभावित होती है।
  • मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। दिल के रोगों का खतरा बढ़ता है। कार्यक्षमता घटती है।
  • भारत में समस्या इसलिए गंभीर है कि घनी आबादी वाले शहरों में रात में भी गर्मी रहती है। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं, कम आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है।
पूनम कुमारी गौड़

लेखक के बारे मेंपूनम कुमारी गौड़मैं पूनम कुमारी गौड़ एनबीटी में असिस्टेंट एडिटर हूं। पिछले करीब 18 सालों से एनबीटी में पत्रकारिता कर रही हैं। इस दौरान पर्यावरण, मौसम, डीडीए, क्राइम, रेलवे, दिल्ली जल बोर्ड आदि की कई रोचक खबरें मैने ब्रेक की। डीडीए क्यों नहीं करवा पा रहा अपने प्रोजक्ट को रेरा में रजिस्टर्ड, पर्यावरण पर GRAP पर लगी पाबंदियों से जुड़ी, ऑड ईवन व नए प्रयोगों जैसे वायु और नए सेंसर आदि पर स्टोरी की। कुछ ह्युमन इंटरेस्ट की स्टोरी की और गुड न्यूज पेज में भी अपना योगदान दे रही हूं।... और पढ़ें

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